TRP Ka Full Form in Hindi TRP का Meaning क्या होता है?

By | May 28, 2021
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TRP Full form in hindi, TRP kya hota hai, TRP Meaning in HIndi

कभी-कभी आप टीवी न्यूज़ चैनल या अखबार में देखते या पढ़ते होंगे की कपिल शर्मा के शो ने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए । कुछ समय पहले जब कोरोना के कारण भारत में लोक डाउन लगा था तो दूरदर्शन पर रामायण सीरियल का पुनः प्रसारण किया गया था । उस समय भी आपने शायद सुना होगा कि रामायण ने टीआरपी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए ।

तो आखिर यह टीआरपी होता क्या है तथा टीवी चैनल से टीआरपी का क्या संबंध होता है । आज इस लेख में हम आपको टीवी चैनल के टीआरपी के बारे में विस्तार से बताएंगे । तो आइए जानते हैं कि trp क्या होता है

टीआरपी क्या होता है तथा टीआरपी की फुल फॉर्म क्या होती है?

दोस्त इससे पहले कि हम आपको टीआरपी की फुल फॉर्म के बारे में बताएं आपको हम बता देते हैं कि जितने भी पॉपुलर टीवी चैनल हैं जैसे कि ज़ी टीवी, स्टार प्लस, कलर्स, सोनी इत्यादि इन सब की टीआरपी को निकालने के लिए टीआरपी केलकुलेटर की मदद ली जाती है ।

टीआरपी केलकुलेटर की मदद से बड़ी आसानी से किसी भी टीवी चैनल की या टीवी चैनल पर आने वाले किसी धारावाहिक की टीआरपी को निकाला जा सकता है । चलिए पहले जान लेते हैं की टीआरपी फुल फॉर्म क्या होती है ।

टीआरपी की फुल फॉर्म होती है टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट । यह एक प्रकार का टूल होता है जो यह बताता है कि कोई टीवी चैनल या किसी टीवी चैनल पर आने वाला कोई धारावाहिक कितना पॉपुलर है । जिस टीवी चैनल की टीआरपी जितनी ज्यादा होती है वह टीवी चैनल उतना लोकप्रिय होता है ।

उदाहरण के तौर पर जैसे कि हमने आपको पर बताया दूरदर्शन पर आने वाले रामायण धारावाहिक की टीआरपी के आधार पर ही यह पता चल पाया कि यह टीवी चैनल धारावाहिक कितना अधिक लोकप्रिय है । टीआरपी का निर्धारण 0 से लेकर 5 तक किया जाता है । जिस चैनल की रेटिंग 5 होती है उसकी टीआरपी भी ज्यादा होती है । आप गूगल पर सर्च कर सकते हैं कि इस समय किस चैनल पर आने वाले किस धारावाहिक की रेटिंग क्या है ।

तो दोस्तों आप समझ गए होंगे की टीआरपी क्या होती है । आइए अब हम जानेंगे की टीआरपी का पता किस प्रकार लगाया जाता है ।

टीआरपी को कैसे चेक करते हैं टीआरपी जानने का तरीका

अब आपके मन में यह प्रश्न उठा रहा होगा कि टीआरपी का पता कैसे लगाया जाता है यानी टीआरपी को कैसे चेक किया जाता है । तो इसके लिए एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्रयोग किया जाता है जिसे पीपल्स मीटर कहा जाता है ।

यह डिवाइस ज्यादातर उन शहरों में लगाया जाता है जहां जनसंख्या घनत्व काफी ज्यादा होता है, जैसे दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के बड़े-बड़े शहर । क्योंकि इन शहरों में पीपल डिवाइस को लगाने से डाटा काफी हद तक एक accurate माना जाता है । क्योंकि कोई भी टेस्टिंग जितने ज्यादा लोगों पर होगी उसके रिजल्ट उतने ही एक्यूरेट माने जाते हैं ।

यह डिवाइस अपने क्षेत्र के सभी सेट टॉप बॉक्स से कनेक्टेड हो जाता है तथा इस डिवाइस में लगा हुआ सर्किट यह पता लगा लेता है कि किस सेट टॉप बॉक्स में कौन सा टीवी चैनल चल रहा है तथा कौन सा प्रोग्राम चल रहा है । यह डिवाइस सभी इंफॉर्मेशन को एक फाइल के रूप में एकत्रित कर लेता है ।

इसके बाद इस डिवाइस के द्वारा प्राप्त की गई इंफॉर्मेशन को मॉनिटरिंग टीम यानी इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट तक पहुंचा दिया जाता है । मॉनिटरिंग टीम का काम इस डाटा को एनालाइज करना होता है तथा इस डाटा को एनालाइज करके यह टीम यह बताती है कि इस समय किस चैनल को ज्यादा लोग देख रहे हैं तथा इसी आधार पर इस टीम के द्वारा चैनल की टीआरपी निर्धारित की जाती है ।

टीआरपी का पता लगाने की जरूरत क्यों पड़ती है?

अब तक आप समझ गए होंगे कि टीआरपी कैसे पता लगाई जाती है । लेकिन आपके दिमाग में एक सवाल यह भी आ रहा होगा की टीआरपी का पता लगाना क्यों जरूरी है या टीआरपी का पता लगाने से क्या फायदा होता है ।

आप जानते ही होंगे कि जितने भी टीवी चैनल होते हैं उनकी 90% कमाई विज्ञापनों से होती है तथा टीवी चैनल पर थोड़ी थोड़ी देर बाद विज्ञापन आते रहते हैं । आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इन विज्ञापनों की कीमत उस टीवी चैनल की टीआरपी पर निर्भर करते हैं ।

जिस चैनल की टीआरपी जितनी ज्यादा होगी यानी उस चैनल को देखने वाले लोगों की संख्या जितनी ज्यादा होगी उस चैनल पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की कीमत भी उतनी ही ज्यादा होगी । यही कारण है सभी टीवी चैनल अपनी अपनी टीआरपी का पता लगाते हैं तथा उसे बड़ी-बड़ी विज्ञापन देने वाली कंपनियों के साथ साझा करते हैं ।

इसी आधार पर इन टीवी चैनल्स के विज्ञापनों की कीमत तय की जाती है । विज्ञापन देने वाली कंपनियां उस टीवी चैनल पर या टीवी चैनल पर आने वाले उस प्रोग्राम में अपना विज्ञापन दिखाती हैं जिसमें trp ज्यादा होती है ।

क्योंकि जिस समय इस चैनल को जितने ज्यादा लोग देख रहे होंगे उस समय विज्ञापन आने पर विज्ञापन को देखने की संभावना ज्यादा हो जाएगी जिसका सीधा सीधा लाभ विज्ञापन देने वाली कंपनियों को मिलेगा । तो यही कारण है सभी टीवी चैनल अपनी टीआरपी कब पता लगाते हैं ।

तो दोस्तों आप समझ गए होंगे TRP क्या होती है टीआरपी का पता कैसे लगाया जाता है इससे क्या फायदा होता है । आपको यह कैसा लगा अपने विचार कमेंट के माध्यम से बताएं ।


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