कबड्डी खेल के नियम, इतिहास,निबंध | Kabaddi Khel Rules History Essay in Hindi

By | March 14, 2021
kabaddi khel ke niyam
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

दोस्तों आज हम बात करेंगे कबड्डी के खेल की तथा इस खेल के क्या-क्या नियम है इसके बारे में भी आज हम बात करेंगे ।

कबड्डी एक ऐसा खेल है जिसे आप सभी ने बचपन में जरूर खेला होगा । यह एक भारतीय परंपरागत खेल है जिसे खेलने के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं पड़ती है । केवल कुछ लोग मिलकर अपनी शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इस खेल को खेलते हैं ।

कबड्डी खेल में आप कुश्ती एवं हाथापाई जैसी घटनाओं को देख सकते हैं । लेकिन वास्तव में यह खेल का हिस्सा होती हैं । कबड्डी का खेल दो टीमों के बीच में होता है, जिनमें एक टीम सक्रिय रुप में रहती है तथा दूसरी निष्क्रिय रूप में । एक समय में एक खिलाड़ी दूसरी टीम के पाले में जाता है तथा दूसरी टीम के किसी भी सदस्य को एक ही सांस में छूकर उसे वापस आना होता है ।

कबड्डी का खेल जिला स्तर, राष्ट्रीय स्तर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है । आज के समय में कबड्डी को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है । जिस कारण बहुत से नवयुवक इस खेल में अपनी योग्यता साबित करके इसे अपना कैरियर बनाना चाहते हैं ।

कबड्डी का खेल भारत के विभिन्न राज्यों में खेला जाता है तथा अलग-अलग राज्यों में इस खेल के नाम भी अलग-अलग हैं, जैसे तमिलनाडु में कबड्डी को चादूकट्टू, बंगलादेश में हद्दू, मालद्वीप में भवतिक, पंजाब में कुड्डी, पूर्वी भारत में हू तू तू, आंध्र प्रदेश में चेडूगुडू आदि नामों से पुकारा जाता है ।

Table of Contents

कबड्डी खेल का परिचय

कबड्डी किस देश का राष्ट्रीय खेल है? बंगलादेश
कबड्डी टीम में अधिकतम कितने ख़िलाड़ी होते है? 12 ख़िलाड़ी होते हैं 
कबड्डी मैदान का माप क्या है ? पुरुषों के लिए ( 13X10 मीटर)
महिलाओं के लिए ( 12X8 मीटर)
कबड्डी खेल कितने मिनट का होता है ? पुरुषों का 40 मिनट और महिलाओं का 30 मिनट का होता है.
एक रेड कितने समय की होती है ? 30 सेकंड
भारत में कबड्डी की शुरुआत ? 1915 और 1920 में कबड्डी भारत में नियमो के साथ खेली जाने लगी.
कबड्डी के अन्य नाम क्या है ? हु तू तू और चेडुगुडु .
कबड्डी विश्व कप पहली बार कब खेला गया ? 2004 में पहली बार कबड्डी विश्व कप खेला गया. तब से लेकर आज तक जितने भी कबड्डी विश्व कप हुए उसमे भारतीय विजेता रहा है.
कबड्डी का वजन मापदंड क्या है ? सीनियर पुरुषों के लिए 85kg और सीनियर महिलाओं के लिए 75kg. जूनियर पुरुषों के लिए 70kg और जूनियर गर्ल्स के लिए 65kg है.  
कबड्डी मैच में ब्रेक टाइम कितना है ? 5 मिनट
महिला कबड्डी विश्वकप पहली बार कब खेला गया ? 2012 में
भारत की कबड्डी फेडरेशन की स्थापना कब हुई ? 1950 में
भारतीय कबड्डी प्रो लीग कब शुरू हुआ ? 26 जुलाई 2014

कबड्डी खेल का इतिहास Kabaddi History in Hindi

कबड्डी खेल का जन्म भारत में ही हुआ है तथा भारत में भी सबसे पहले इसे तमिलनाडु में ही खेला जाता था । इसके बाद धीरे-धीरे यह खेल भारत के अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश में भी आ गया तथा बाद में विश्व के अन्य देशों में भी इस खेल का प्रचार प्रसार हुआ ।

कबड्डी को विश्व स्तर पर ख्याति सन 1936 में बर्लिन ओलंपिक के पश्चात मिली । उसके बाद लोगों ने जाना कि कबड्डी नाम का भी कोई खेल होता है । इसके पश्चात सन 1938 में कोलकाता में हुए राष्ट्रीय खेलों में भी कबड्डी को शामिल किया गया तथा सन् 1950 में अखिल भारतीय कबड्डी फेडरेशन का गठन हुआ तथा यही से कबड्डी को उसकी सही पहचान मिली ।

अखिल भारतीय कबड्डी फेडरेशन का गठन होने के बाद कबड्डी के नियम तय किए गए । कबड्डी के खेल में कितने खिलाड़ी खेलेंगे यह तय किया गया, कबड्डी ग्राउंड की मेजरमेंट (Kabaddi Ground Measurement in Hindi) तय की गई तथा अन्य कई बातों को भी तय किया गया । सन 1972 में इसी फेडरेशन को एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से दोबारा पुनर्गठित किया गया ।

भारत से यह खेल विश्व के अन्य देशों में भी पहुंचा तथा जापान में इस खेल को भारत के सुंदर राम लेकर गए थे । इन्होंने कबड्डी को उस देश के सामने रखा ।

जापान के लोगों ने इस खेल में बहुत अधिक रुचि अपनाई तथा जापान के लोगों ने सुंदर राम के साथ मिलकर इसका खूब प्रचार-प्रसार भी किया । सन 1970 में भारत और बांग्लादेश के बीच कबड्डी का मुकाबला हुआ तथा सन् 1980 में कबड्डी के लिए एशिया चैंपियनशिप टूर्नामेंट का आयोजन भी हुआ ।

इस टूर्नामेंट में भारत ने बांग्लादेश को हराकर खिताब अपने नाम किया था । एशिया चैंपियनशिप टूर्नामेंट में भारत और बांग्लादेश के अलावा नेपाल, मलेशिया तथा जापान भी शामिल थे । इसके पश्चात सन 1990 में कबड्डी को एशियाई खेलों में भी शामिल किया गया ।

कबड्डी खेल से संबंधित जानकारी Kabaddi Information in Hindi

कबड्डी का खेल दो दलों के बीच खेला जाता है । दोनों दलों में खिलाड़ियों की संख्या समान होती है । इसमें एक दल सक्रिय अथवा आक्रामक रूप में होता है तथा दूसरा दल निष्क्रिय अथवा सुरक्षात्मक रूप में होता है ।

सक्रीय दल से 1 सदस्य कबड्डी कबड्डी बोलता हुआ निष्क्रिय दल में जाता है तथा निष्क्रिय दल के किसी भी एक सदस्य को एक ही सांस में छूकर उसे वापस अपने दल में लौटना होता है । यदि इस दौरान उसकी सांस रुक जाए या कुछ अन्य नियमों का उल्लंघन हो जाए तो वह खिलाड़ी आउट हो जाता है तथा विपक्षी को अंक प्राप्त हो जाते हैं । इस खेल के बारे में नीचे विस्तार से बताया है ।

कबड्डी खेल के नियम Kabaddi Rules in Hindi

कबड्डी के खेल के अंतरराष्ट्रीय नियमों को सभी जगह मान्यता प्राप्त है । यहां हम कबड्डी के सामान्य नियमो के बारे में बता रहे हैं । बाद में कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय नियमों की बात करेंगे ।

  • कबड्डी खेल कि प्रत्येक टीम में 7-7 खिलाड़ी होते हैं ।
  • खेल का मैदान दो बराबर भागों में बटा होता है ।
  • पुरुषों के द्वारा खेले जाने वाला कबड्डी का मैदान 10 यूनिट बाई 13 यूनिट का होता है, जबकि महिलाओं के द्वारा खेला जाने वाला कबड्डी का मैदान 8 यूनिट बाय 12 यूनिट का होता है ।
  • दोनों ही टीमों में तीन तीन अतिरिक्त खिलाड़ी होते हैं ताकि यदि किसी खिलाड़ी को चोट लग जाए तो उसके स्थान पर उनमें से कोई खिलाड़ी आ जाए ।
  • यह खेल कुल 40 मिनट का होता है जिसे 20-20 मिनट के दो राउंड में बांटा जाता है ।
  • प्रत्येक राउंड के बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है तथा इस ब्रेक के बाद दोनों टीमें अपना पाला बदल लेते हैं ।
  • महिलाओं के लिए 20 मिनट के स्थान पर 15-15 मिनट के दो राउंड होते हैं ।

कबड्डी खेल खेलने का तरीका How to Play Kabaddi Game in Hindi

इस खेल को इस तरीके से खेला जाता है ।

  • इस खेल में दो दल होते हैं । पहले दल को आक्रामक दल तथा दूसरे दल को परिरक्षक दल कहा जाता है ।
  • आक्रामक दल से एक खिलाड़ी कबड्डी कबड्डी कहता हुआ परिरक्षक दल में जाता है तथा परिरक्षक दल के किसी भी एक सदस्य को एक ही सांस में कबड्डी कबड्डी कहते हुए छूकर वापस अपने दल में लौटना होता है । यदि आक्रामक दल के सदस्य परिरक्षक दल के सदस्यों को छूकर वापस लौटने में सफल हो जाता है तो आक्रामक दल को एक अंक मिल जाता है ।
  • आक्रामक दल का जो खिलाड़ी पर्यवेक्षक दल में जाता है उसे सास तब तक रोकनी पड़ती है जब तक वह वापस अपने दल में ना आ जाए । यदि इस दौरान खिलाड़ी की सास टूट जाए तो उसे आउट घोषित कर दिया जाता है तथा मैदान से बाहर निकाल दिया जाता है ।
  • इसके विपरीत यदि आक्रामक दल का खिलाड़ी दूसरे दल के एक या एक से अधिक खिलाड़ी को छूकर वापस आ जाए तो उन खिलाड़ियों को रेफरी के द्वारा आउट कर मैदान से बाहर निकाल दिया जाता है । इससे आक्रामक दल को एक पॉइंट मिल जाता है ।
  • यदि आक्रमण कल का खिलाड़ी विपक्षी खिलाड़ियों के द्वारा पकड़ लिया जाए तो वह वापस अपने दल में आने का प्रयास करता है तथा ताकत का प्रयोग करके दोनों दलों के बीच में खींची गई लाइन तक आने का प्रयास करता है । यदि किसी प्रकार वह इस लाइन को छू ले तो भी उस टीम को 1 पॉइंट मिल जाता है ।
  • जैसे-जैसे खिलाड़ी आउट होते जाते हैं वैसे वैसे खिलाड़ी खेल से बाहर होते चले जाते हैं । विपक्षी दल का एक खिलाड़ी खेल से बाहर होने पर दूसरे पक्ष को एक पॉइंट मिल जाता है ।
  • यदि विपक्षी टीम के सभी खिलाड़ी मैदान से बाहर हो जाएं तो दूसरी टीम को दो अतिरिक्त पॉइंट मिल जाते हैं । इन अतिरिक्त बोनस प्वाइंट को लोना कहा जाता है । अंत में जिस टीम के अंक ज्यादा होते हैं उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है ।

कबड्डी खेल के अंतर्राष्ट्रीय नियम Kabaddi International Rules in Hindi

कबड्डी खेल के अंतरराष्ट्रीय नियमों को ही मान्यता प्राप्त है, इन्हीं के आधार पर कबड्डी का खेल किया जाता है ।

  • कबड्डी के खेल में दोनों पक्षों के सात सात खिलाड़ी होते हैं । खिलाड़ियों के अतिरिक्त छ औपचारिक सदस्य भी मैदान में मौजूद होते हैं । एक रेफरी, दो एंपायर, एक स्कोरर तथा 2 असिस्टेंट स्कोरर्स ।
  • प्रत्येक मैच 40 मिनट का होता है जिसे 20-20 मिनट के दो भागों में बांट दिया जाता है । प्रत्येक 20 मिनट के खेल के बाद 5 मिनट का ब्रेक लिया जाता है तथा ब्रेक के बाद दोनों टीम ने अपना अपना दल (पाला) बदल लेते हैं ।
  • आक्रामक दल का जो खिलाड़ी परिरक्षक टीम में जाता है उसे रेडर कहा जाता है तथा रेडर को दूसरी टीम में जाने को रेड करना कहा जाता है ।
  • जैसे ही रेडर विरोधी टीम में जाता है विरोधी टीम के खिलाड़ी उसे पकड़ने का प्रयास करते हैं । इन खिलाड़ियों को डिफेंडर कहा जाता है । प्रत्येक रेड के लिए अधिकतम 30 सेकंड का समय होता है । इस दौरान रेडर कबड्डी कबड्डी की रट लगाए रखता है तथा अपनी सास को रोके रखता है ।

कबड्डी के खेल में कई प्रकार के अंक होते है, जो की इस प्रकार हैं ।

बोनस प्वाइंट Bonus Point

रेड करने वाला खिलाड़ी यदि विपक्षी टीम में छह या छह से अधिक खिलाड़ियों होने के बावजूद भी बोनस लाइन पर पहुंच जाता है तो रेडर को बोनस प्वाइंट मिल जाता है ।

टचपॉइंट Touch Point

रेड करने वाला खिलाड़ी विपक्षी टीम के जितने खिलाड़ियों को छु कर सफलतापूर्वक वापस आ जाता है रेडर को इतने ही अंक प्राप्त हो जाते हैं । उदाहरण के तौर पर यदि वह दो खिलाड़ियों को छूकर वापस आ जाता है तो उसे दो टचपॉइंट मिल जाते हैं । जिन खिलाड़ियों को छुआ जाता है वो मैदान से बाहर हो जाते हैं ।

टैकल प्वाइंट Tackle Point

यदि परिरक्षक टीम के खिलाड़ी रेडर को 30 सेकंड या उससे अधिक समय तक अपने पाले में रोककर रखने में सफल रहते हैं तो डिफेंडिंग टीम को एक अंक मिल जाता है । इसे टैकल प्वाइंट कहा जाता है ।

ऑल आउट All Out

यदि किसी एक टीम के सभी खिलाड़ियों को विरोधी टीम के द्वारा आउट कर दिया जाता है तो विरोधी टीम को दो अतिरिक्त पॉइंट मिलते हैं जिन्हें बोनस प्वाइंट कहा जाता है ।

एंप्टी रैड Empty Raid

यदि रेड करने वाला खिलाड़ी विपक्षी टीम में जाता है तथा बिना किसी खिलाड़ी को छुए वापस आ जाता है तो इसे एम्प्टी रेड कहा जाता है । एम्प्टी रेड में किसी पक्ष को कोई अंक नहीं प्राप्त होता है ।

डु और डाई रेड Do or Die Raid

यदि किसी टीम के द्वारा लगातार दो बार एम्प्टी रेड हो जाए तो तीसरी बार इस टीम को रेड कर सफलतापूर्वक बोनस प्वाइंट अर्जित करना जरूरी होता है । ऐसा न करने पर डिफेंडर टीम को एकत्रित अंक मिल जाता है, इसे ही डु और डाई रेट कहा जाता है ।

सुपरहिट Super Hit

यदि किसी रेड में एक टीम के द्वारा 3 या 3 से अधिक अंक प्राप्त कर लिए जाते हैं तो उसे सुपरहिट कहा जाता है । यह 3 अंक किसी भी प्रकार से होने चाहिए जैसे तीन टच प्वाइंट या एक बोनस प्वाइंट तथा दो टचपॉइंट इत्यादि ।

सुपर टैकल Super Tackle

यदि प्रतिरक्षक टीम में केवल 3 खिलाड़ी हो इसके बावजूद वे आक्रामक टीम के रेडर को 30 या उससे अधिक seconds तक सफलतापूर्वक रोकने में (आउट करने में) सफल हो जाते हैं तो प्रतिरक्षक को 1 अंक प्राप्त होता है । इसे सुपर टैकल प्वाइंट कहा जाता है ।

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी के नियम International Kabaddi Rules in Hindi

जब कबड्डी का मैच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है तो दोनों टीमों को कुछ न कुछ मिलते हैं जिनके आधार पर दोनों टीमों के अंकों को अंक तालिका स्कोरबोर्ड में दर्ज किया जाता है ।

  • किसी मैच के दौरान यदि कोई टीम अपने विपक्षी टीम को 7 या 7 से अधिक पॉइंट से हरा देती है तो जीतने वाली टीम को 7 लीग पॉइंट मिलते हैं । हारने वाली टीम को कोई पॉइंट नहीं मिलता है ।
  • यदि विजेता टीम के जीत का अंतर 7 पॉइंट से कम होता है तो जीतने वाली टीम को पांच लीग पॉइंट मिलते हैं तथा हारने वाली टीम को भी एक लीग पॉइंट मिल जाता है ।
  • यदि दो टीमों के बीच खेले जाने वाला मैच टाइ हो जाता है अर्थात बराबरी बराबरी के अंक ऊपर छूटता है तो दोनों ही टीमों को तीन-तीन पॉइंट दे दिए जाते हैं ।
  • यदि किसी प्रतियोगिता में मैच टाई हो जाता है तो अगले राउंड में जाने वाली टीम का चयन दोनों टीमों के द्वारा प्राप्त Differential Score के द्वारा निर्धारित किया जाता है ।
  • यदि दोनों टीमों का Differential Score भी बिल्कुल बराबर होता है तो ऐसी स्थिति में जिस टीम का कुल स्कोर ज्यादा होता है उसे ही अगले राउंड में भेजा जाता है ।

कबड्डी खेल में अतिरिक्त समय का दिया जाना Extra Time Rule in Kabaddi in Hindi

वैसे तो कबड्डी के खेल में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त समय को देने का कोई नियम नहीं है । लेकिन यदि विश्व कप के फाइनल तथा सेमीफाइनल मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच में 40 40 मिनट का मैच होने के बाद मैच टाइम हो जाता है तो विशेष परिस्थिति में ही कबड्डी के खेल के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है ।

  • विश्व कप सेमी फाइनल या फाइनल मैच के टाइ हो जाने के बाद 7 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम दिया जाता है, जिसमें दोनों टीमों के बीच दोबारा से मुकाबला कराया जाता है ।
  • इस 7 मिनट में 1 मिनट का ब्रेक होता है तथा तीन 3 मिनट के दो मैच होते हैं ।
  • दोनों टीमें कुल खिलाड़ियों में से सात बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ मैदान में दोबारा उतरती हैै ताकि खेल को निर्णायक स्थिति में ले जाया जा सके ।
  • यदि इस 7 मिनट के मैच के बाद भी मैच टाइ हो जाता है तो कबड्डी का गोल्डन रेड रुल का प्रयोग किया जाता है ।

कबड्डी का गोल्डन रेड नियम Kabaddi Golden Red Rule in Hindi

  • इस नियम के अनुसार सबसे पहले दोनों टीमों के बीच टोस किया जाता है । जो टीम जीतती है उसे गोल्डन रेड का मौका दिया जाता है ।
  • यदि इस टीम का खिलाड़ी रेड करके सफलतापूर्वक टचपॉइंट पॉइंट प्राप्त कर लेता है तो उस टीम को ही विजेता घोषित कर दिया जाता है ।
  • लेकिन यदि गोल्डन रेड के बाद भी टाई की अवस्था बनी रहती है तो दोनों के बीच टॉस किया जाता है । जो टीम टॉस जीतती है उसे ही विजेता घोषित कर दिया जाता है ।

भारतीय कबड्डी के प्रकार Types of Indian Kabaddi in Hindi

भारत में मुख्य रूप से 4 प्रकार की कबड्डी खेली जाती है । अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह की कबड्डी खेली जाती है  ।यहां हमने कुछ भारतीय कबड्डी ओं के बारे में बताया है ।

संजीवनी कबड्डी

जैसा कि आप जानते हैं संजीवनी का अर्थ होता है दोबारा से जीवन मिलना । इस खेल में जो खिलाड़ी एक बार आउट हो जाता है उसे भी दोबारा से जीवित करने का मौका मिल जाता है । यदि कोई टीम अपनी विरोधी टीम के किसी एक खिलाड़ी को आउट कर दे तो उस टीम का एक खिलाड़ी जीवित हो जाता है ।  कबड्डी का यह खेल भी 40 मिनट का होता है जिसमे 5 मिनट का ब्रेक भी होता है ।

जैमिनी स्टाइल

कबड्डी के इस खेल में खिलाड़ियों के पुनर्जीवित होने का कोई नियम नहीं होता है । जो खिलाड़ी एक बार आउट हो जाए वह आउट ही रहता है ।इस तरह इस खेल में एक-एक करके सभी खिलाड़ी आउट हो जाते हैं । जो टीम अपनी विपक्षी टीम के सभी खिलाड़ियों को आउट कर देती है उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है।  खेल के नियम दूसरे अन्य कबड्डी की तरह ही रहते हैं ।

अमर स्टाइल

कबड्डी के इस खेल में किसी खिलाड़ी के आउट होने का कोई नियम नहीं होता है । सभी खिलाड़ी अंत तक खेल खेलते रहते हैं तथा इस खेल में कोई निश्चित समय अवधि भी नहीं होती है । विजेता टीम की घोषणा ज्यादा अंक प्राप्त करने वाली टीम के अंकों के आधार पर की जाती है ।

पंजाबी कबड्डी

यह कबड्डी ज्यादातर हरियाणा पंजाब में खेली जाती है । कबड्डी खेल का मैदान चकोर ना होकर वृत्ताकार होता है जिसका व्यास लगभग 72 फुट का होता है ।

कबड्डी के प्रमुख मुकाबले Some Tournaments of Kabaddi in Hindi

भारत में राष्ट्रीय स्तर पर तथा विश्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी के टूर्नामेंट खेले जाते हैं जो कि इस प्रकार हैं ।

एशियन गेम्स Asian Games

एशियन गेम्स में कबड्डी का सबसे पहला मैच सन 1990 में खेला गया था । भारत एशियन गेम्स में अब तक 7 गोल्डन मेडल जीत चुका है ।भारत के बाद दूसरा स्थान बांग्लादेश का आता है ।

एशिया कबड्डी कप

एशिया कबड्डी कप टूर्नामेंट में लगभग लगभग सभी एशियाई देश जैसे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इरान आदि शामिल है, के बीच खेला जाता है । इस टूर्नामेंट का पहला मैच 2011 में ईरान में खेला गया था ।

कबड्डी विश्वकप

यह टूर्नामेंट विश्व के सभी देशों के बीच खेला जाता रहा है । इस टूर्नामेंट का पहला मैच 2004 में हुआ था तथा उसके बाद दूसरा मैच 2007 में तथा तीसरा मैच 2010 में हुआ था । 2010 के बाद से यह मैच प्रतिवर्ष खेला जा रहा है ।

विमेंस कबड्डी टूर्नामेंट

यह टूर्नामेंट भी विश्व स्तरीय होता है जिसमें विश्व के सभी देशों के द्वारा प्रतिभाग किया जा सकता है । पहली बार इस टूर्नामेंट को 2012 में भारत के पटना शहर में आयोजित किया गया था । इस मुकाबले में भारत ने ईरान को हराकर टूर्नामेंट जीता था ।

प्रो कबड्डी लीग

इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2014 में हुई थी तथा इस टूर्नामेंट को इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल की तर्ज पर शुरू किया गया था । इसमें इसका सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स पर किया जाता है ।

यूके कबड्डी कप

यह कबड्डी टूर्नामेंट इंग्लैंड में खेला जाता है । इसमें इंग्लैंड के अतिरिक्त भारत, पाकिस्तान, अमेरिका तथा कनाडा देश में प्रतिभाग करते हैं ।

विश्व कबड्डी लीग

इस टूर्नामेंट का आयोजन सन 2014 में पहली बार किया गया था । इस टूर्नामेंट में चार देश तथा 8 दिल होते हैं यह देश हैं कनाडा, इंग्लैंड, पाकिस्तान तथा अमेरिका ।

तो दोस्तों, यह हमने आपको कबड्डी के बारे में बताया । आपको यह लेख कैसा लगा, अपने विचार कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताये ।


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *