शतरंज खेलने के नियम, फायदा, निबंध | How To Play Chess (Shatranj Ka Khel) Game Rule In Hindi

By | March 14, 2021
chess rules in hindi
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

शतरंज केवल भारत की नहीं बल्कि पूरे विश्व में खेले जाने वाला एक लोकप्रिय खेल है । हालांकि शतरंज की खोज एवं शुरुआत भारत में ही हुई थी । लेकिन इस खेल की लोकप्रियता धीरे धीरे इतनी बढ़ गई कि यह खेल विश्व के दूसरे देशों में भी खेला जाने लगा ।

बहुत से देशों का यह दावा है कि शतरंज की शुरुआत उनके देश में हुई थी । लेकिन वास्तव में शतरंज का खेल भारत का खेल है जिसकी शुरुआत भारत के राजा महाराजाओं के द्वारा की गई थी ।

शतरंज का अर्थ होता है 100 चाले । यहां 100 का मतलब है कि इस खेल में चालो का कोई अंत नहीं है । हर बार नई नई चाल खेली जा सकती हैं ।

शतरंज का खेल बहुत ही दिमाग का खेल है । क्योंकि इस खेल में आपको आपको अपने सामने वाले के दिमाग में क्या चल रहा है उसको समझना होता है । आपको यह समझना होता है कि आपका प्रतिद्वंदी के दिमाग में क्या चल चल रहा है । वह अगली चाल क्या चलेगा तथा किस तरह आप को फसाने की कोशिश करेगा ।

आपको भी ऐसी चाले चलनी होती हैं कि आप अपने प्रतिद्वंदी की चाल को काटते चले जाएं तथा उसे योजना अनुसार चाल चलने से रोके । यदि आपको प्रतिद्वंदी अपनी योजना अनुसार चाले चलता रहा तथा आप उसकी चाल में फंस गए तो वह आपको बहुत जल्दी हरा देगा ।

इस खेल से दिमागी कसरत होती है तथा आप में कॉन्फिडेंस लेवल क्रिएट होता है । यदि आप शतरंज के अच्छे खिलाड़ी बन जाते हैं तो यह बात पक्की है कि आप मानसिक रूप से बहुत मजबूत है । यह खेल एक प्रकार से आपके मस्तिष्क की परीक्षा भी लेता है ।

आइये इस लेख में शतरंज के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

चेस खेलने के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होती है ? इसमें सिर्फ 2 लोगों की आवश्यकता है.
चेस कौनसा गेम है इनडोर या आउटडोर ? यह एक इनडोर गेम है.
इसे खेलने के लिए कोई उम्र तय की गई है ? इसे किसी भी उम्र के लोग खेल सकते हैं, लेकिन कुछ टूर्नामेंट्स में उम्र की बाध्यता होती है.
चेसबोर्ड में कितने खाने होते हैं ? 40 खाने होते हैं.
चेस में कितनी गीटियां होती है ? 32 गीटी होती है जिनमे 16 के अनुपात में बांटा जाता है.
शतरंज की गीटियों के नाम ? 8 प्यादे, 2 घोड़ा, 2 हाथी, 2 ऊंट, 1 रानी एंव 1 राजा.
वर्गों की पहचान कैसे होती है ? शतरंज में मौजूद वर्ग काले और सफ़ेद कलर के होते हैं.
विश्व शतरंज चैंम्पियनशिप की शुरुआत कब हुई ? 1886 में हुई थी.
भारत का सर्वश्रेष्ट शंतरज ख़िलाड़ी का नाम विश्वनाथन आनंद
शंतरज टूर्नामेंट कितने समय का होता है ? यह एक मिनट से छ: घंटे तक हो सकता है.
विश्व शतरंज दिवस कब मनाया जाता है ? 20 जुलाई को
भारत के 66वें शतरंज ग्रैंडमास्टर कौन बने ? जी आकाश

शतरंज के खेल का इतिहास Chess History in Hindi

शतरंज के खेल के इतिहास के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती है कि यह खेल कब शुरू हुआ तथा किसने शुरू किया । लेकिन बहुत से इतिहासकार तथा विद्वान बताते हैं की शतरंज की शुरुआत तीसरी शताब्दी से पांचवी शताब्दी के बीच भारत में हुई थी । उस समय भारत में गुप्त साम्राज्य था । इस प्रकार शतरंज की शुरुआत आज से लगभग अट्ठारह सौ वर्ष पहले भारत में ही मानी जाती है ।

कुछ विद्वानों का यह भी मानना है की शतरंज का खेल 12 वीं शताब्दी में साउथ यूरोप में भी खेलना शुरू किया गया था । हालांकि माना यही जाता रहा है कि यूरोप में यह खेल भारत से ही पहुंचा होगा । क्योंकि उस समय भारत तथा यूरोप के बीच व्यापारिक लेन-देन भी था । जिस कारण भारतीय संस्कृति तथा सभ्यता से जुड़ा हुआ यह खेल यूरोप में पहुंच गया होगा ।

शतरंज के खेल में जीत हार कैसे होती है? How to Win or Lost in Chess Game in Hindi

इससे पहले कि हम आपको शतरंज के खेल के नियम बताएं पहले यह बता देते हैं कि शतरंज के खेल में जीत हार कैसे होती है ।

शतरंज के खेल में 2 खिलाड़ी होते हैं जिनके बीच में यह खेल खेला जाता है । दोनों खिलाड़ियों का एक एक राजा, वजीर, हाथी, घोड़ा, ऊंट तथा प्यादे होते हैं ।

दोनों खिलाड़ियों को अपने राजा को बचाना होता है, क्योंकि यदि सामने वाला प्रतिद्वंदी राजा को शह और मात दे दे तो उस खिलाड़ी की हार हो जाती है । राजा के अलावा भले ही बाकी सभी गोटियां मर जाए तो भी वह खिलाड़ी नहीं हारता है । खिलाड़ी की हार केवल तब मानी जाती है जब राजा को मार दिया जाए यानी उसे शह और मात दे दी जाए ।

शतरंज के खेल में शह और मात क्या होती है? What is Check and Mate in Chess in Hindi

शतरंज के खेल में शह और मात राजा को दी जाती है । यदि सामने वाले खिलाड़ी का राजा मरने की स्थिति में आ जाए तो उसे शह बोलते हैं । इस स्थिति में उस खिलाड़ी को अपना राजा बचाने के लिए राजा को दूसरे स्थान पर रखना होता है । शह और मात उसको कहते हैं जब सामने वाला खिलाड़ी के पास राजा को बचाने के लिए कोई विकल्प ही ना हो । इस स्थिति में सामने वाले खिलाड़ी का राजा मर जाता है तथा वह हार जाता है ।

शतरंज के खेल की बिसात कैसे बिछाते हैं? How to Make Chess Board with Players in Hindi?

शतरंज का खेल खेलने के लिए एक बोर्ड होता है जिसे शतरंज का बोर्ड या चेस बोर्ड कहा जाता है । इस चेस बोर्ड में काले तथा सफेद खाने होते हैं । एक लाइन में 8 खाने होते हैं तथा कुल 8 लाइनें होती हैं । इस प्रकार पूरे बोर्ड में 64 सफेद और काले खाने होते हैं ।

एक खिलाड़ी सफेद गोटी लेता है तो दूसरा खिलाड़ी काली गोटी लेता है । सबसे कोने में हाथी, उसके बराबर में घोड़ा, फिर उठ, तथा उसके बाद राजा रखा जाता है । राज्य के बराबर में वजीर, वजीर के बराबर में ऊंट, फिर घोड़ा तथा फिर हाथी रखा जाता है । दूसरी लाइन में छोटी-छोटी गोटिया होती हैं जिन्हें पियादे (सैनिक) कहा जाता है ।

प्यादा प्यादा प्यादा प्यादा प्यादा प्यादा प्यादा प्यादा
हाथी घोड़ा ऊँठ राजा रानी ऊँठ घोड़ा हाथी

शतरंज का खेल खेलने के नियम Chess Rules in Hindi

शतरंज का खेल सीखने के लिए आपको केवल यह पता होना चाहिए कि कौन सी गोटी की चाल क्या होती है । यदि आपको सभी गोटियो की चाल के बारे में पता चल जाए तो आप शतरंज का खेल खेल सकते हैं । लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप शतरंज के खेल में माहिर हो जाएंगे ।

शतरंज का खेल नई-नई चालो का खेल है । यदि आप सामने वाले की चाल को समझ सकते हैं तो ही इस खेल में आप जीत सकते हैं । तो आइये देखते हैं शतरंज की बिसात में कौन सी गोटी क्या चाल चलती है ।

राजा- राजा चारों तरफ एक चल चल सकता है, यानी एक खाना चारों तरफ कहीं पर भी उसे बढ़ाया जा सकता है ।

वजीर- वजीर को रानी भी कहा जाता है । वजीर शतरंज के खेल में सबसे ताकतवर गोटी होती है । इसे राजा का राइट हैंड भी कहा जाता है ।क्योंकि वजीर को किसी भी प्रकार से चलाया जा सकता है, सीधा  या तिरछा । वजीर केवल घोड़े की चाल नहीं चल सकता है । वजीर को कितने ही कदम चारों तरफ बढ़ाया जा सकता है ।

घोड़ा- घोड़ा ढाई चल चलता है अर्थात इसे दो खाने किसी भी दिशा में बढ़ाकर फिर एक खाना दाएं या बाएं और रख दिया जाता है । लेकिन जिस स्थान पर घोड़े को रखा जाता है वह स्थान या तो खाली होना चाहिए या वहा प्रतिद्वंदी की गोटी होनी चाहिए जिसे घोड़ा काट देता है ।

उठ- ऊंट को तिरछी चाल चलने के लिए जाना जाता है । यह सफेद और काली गोटियो के बीच में तिरछी रेखा में कितने ही कदम आगे बढ़ सकता है ।

प्यादा- प्यादा को सैनिक भी कहा जाता है । प्यादा केवल एक कदम आगे बढ़ता है । लेकिन यदि किसी गोटी को मारता है तो तिरछा हो कर मारता है अर्थात अपने से अगले खाने के दाएं या बाएं वाले खाने में रखी गोटी को मारता है ।

नोट: सभी गोटियो में घोड़ा ही एक ऐसी गोटी है जो किसी गोटी के ऊपर से चल सकता है । बाकी सभी गोटियो को यहां तक कि राजा को भी आगे चलने के लिए खाली जगह की जरूरत होती है।

जब प्यादा आगे बढ़ते बढ़ते हैं प्रतिद्वंदी की पहली लाइन में जिसमें राजा, वजीर की गोटी रखी होती हैं तक पहुंचाता है तो वः कोई भी बड़ी गोटी से बदल सकता है जैसे वजीर, हाथी, ऊंट, घोड़े से । यह उस खिलाड़ी की मर्जी पर निर्भर करता है कि वह किस गोटी को चुने ।

शतरंज के खेल के स्पेशल नियम Special Rules of Chess in Hindi

शतरंज के खेल में कुछ विशेष नियम भी होते हैं जो कि इस तरह हैं ।

कैस्लिंग यह शतरंज के खेल का सबसे इंपोर्टेंट नियम है । इसमें आप एक साथ दो चीजें कर सकते हैं । एक तरफ राजा को बचा सकते हैं तथा उसे हाथी के स्थान पर रख सकते हैं तथा हाथी को राजा के स्थान पर रख सकते हैं । कैस्लिंग के लिए निम्न शब्दों का होना जरूरी है ।

कैस्लिंग राजा के द्वारा केवल एक बात की जा सकती है । राजा की यह पहली चालू होनी चाहिए तथा हाथी की भी यह पहली चाल होनी चाहिए । हाथी तथा राजा के बीच कोई भी गोटी नहीं होनी चाहिए । राजा के ऊपर शह या मात नहीं होनी चाहिए ।

शतरंज के खेल में टाई कब होता है? Tie in Chess

यदि शतरंज के खेल में दोनों खिलाड़ी एक दूसरे के राजा को ना मार पाए तो उसी स्थिति में खेल को टाइ माना जाता है ।
मैच को टाइट करने के लिए दोनों खिलाड़ियों का राजी होना जरूरी होता है ।


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *