इन्टरनेट क्या है इसके फायदे और नुक्सान What is Internet in Hind

By | September 22, 2020
Internet kya hai
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आज इस tutorial में हम आपको internet क्या है, Internet का उपयोग कैसे तथा कहां कहां किया जाता है, Internet का महत्व क्या है, Internet का इतिहास, Internet की खोज किसने की एवं Internet से संबंधित सभी तथ्यों को आज हम विस्तार में आपको बताएंगे । इसलिए यदि आप Internet के बारे में जानना चाहते हैं तो इस tutorial को एंड तक जरूर पढ़ें ।

आज हम लोग 21वीं सदी में जी रहे हैं । आज से 25 साल पहले जब लोग अपने किसी रिश्तेदार या परिजन को कोई message भेजना चाहते थे, तो उस समय वे उन्हें पत्र लिखा करते थे । वह पत्र 15-20 दिन या लगभग 1 महीने में पहुंचा करता था और फिर उसका जवाब भी लगभग पत्र पहुंचने के 1 महीने बाद ही मिला करता था ।

messages का आदान प्रदान करने में डेढ़ से 2 महीने का समय आसानी से लग जाया करता था । लेकिन आज के समय में अगर हम किसी को message भेजना चाहे तो अपने mobile पर WhatsApp खोल कर कुछ seconds में ही हम अपना संदेश अपने परिजनों को भेज सकते हैं और उसका जवाब भी हमें साथ के साथ मिल जाता है ।

यहां तक की आप अपने रिश्तेदारों या परिजनों को video call के माध्यम से आमने-सामने बैठकर बातचीत कर सकते हैं । आखिर यह सब कैसे संभव हुआ । तो दोस्तों इसका सीधा जवाब है, यह सब Internet के माध्यम से ही संभव हुआ ।

आज के इस आधुनिक युग में बच्चा बच्चा Internet के बारे में जानता है । एक 5 साल का बच्चा भी mobile पर Youtube पर video देखता है, Play Store से Apps Download करना जानता है । उसे भी पता है कि mobile में net होना जरूरी है ।

अगर mobile का net pack खत्म हो जाए तो वह कहता है कि net खत्म हो गया है इसलिए Internet नहीं चल रहा है ।

वास्तव में Internet ने हमारा जीवन ही बदल के रख दिया है । आज Internet के माध्यम से जहां हम messages का आदान प्रदान कुछ ही सेकंड में कर सकते हैं, वहीं Railway, Post Office, Banks एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में Computer का प्रयोग करके कार्य को बड़ी तेजी और शीघ्रता से किया जा रहा है ।

Internet का उपयोग सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों के द्वारा किया जाता है । आज इस tutorial में हम जानेंगे कि Internet क्या होता है, Internet का उपयोग कहां कहां किया जाता है तथा Internet से संबंधित सभी बातों को हम जानेंगे ।

Internet क्या है What is Internet in Hindi

Internet शब्द का अर्थ होता है Interconnected network अर्थात Computers का ऐसा network जो आपस में Interconnected यानी जुड़े हुए होते हैं । दुनिया में Computers के लाखों-करोड़ों network है जो आपस में जुड़े हुए हैं ।

इस तरह पूरी दुनिया में Computer network का एक जाल बना हुआ है । Computer network के जाल को ही Internet कहा जाता है । Internet शब्द का एक दूसरा अर्थ International Networdk भी होता है, अर्थात ऐसा network जो इंटरनेशनल है यानी एक देश से दूसरे देश में जुड़े हुए Computer का network । Internet की दोनों परिभाषा ही अपने आप में सही है ।

Internet दुनिया का सबसे बड़ा network है । Internet के माध्यम से Computer को आपस में जोड़ने के लिए जिस Protocol कब उपयोग किया जाता है उसे TCP/IP Protocol कहा जाता है ।

Computer में network Adaptor नामक device मौजूद होता है जो TCP/IP Protocol के माध्यम से ही messages का आदान प्रदान एक Computer से दूसरे Computer में करता है ।

Internet का मालिक कौन है Who is the owner of Internet in Hindi

यह बहुत important और कई बार पूछे जाने वाला प्रश्न है कि Internet का मालिक कौन है, तो हम आपको बता दें कि Internet का मालिक कोई एक व्यक्ति, संस्था या सरकार नहीं है ।

Internet पर किसी भी देश या सरकारी संस्था का किसी भी प्रकार का एकाधिकार नहीं है । Internet पर पूरी दुनिया का बराबर अधिकार है । इसे आप बिल्कुल ऐसे मान लीजिए जैसे बिजली यानी करंट पर पूरी दुनिया का अधिकार है ।

कोई भी व्यक्ति पंखा, कूलर, एसी, फ्रिज आदि चलाने के लिए करंट का इस्तेमाल कर सकता है । बिल्कुल ऐसे ही Internet भी बिल्कुल फ्री है, इस पर किसी का कोई अधिकार नहीं है । कोई भी व्यक्ति Internet को इस्तेमाल कर सकता है

Internet को चलाने के लिए पूरी दुनिया में बहुत सारी एजेंसियां हैं जिनके माध्यम से Internet को चलाया जाता है । इन कंपनियों को Internet Service Provider (ISP) कहा जाता है ।

यह कंपनियां Internet provide करने के लिए जो पैसा हमसे लेती हैं उस पैसे को यह अपनी कंपनी के ऊपर खर्च करने में लगाती हैं तथा कुछ पैसा यह अपने मुनाफे के रूप में बचा लेती हैं ।

भारत में Jio, Idel, Vodafone, Airtel एवं BSNL जैसी कंपनियां Internet Service Provider के रूप में काम करती हैं ।

Internet का इतिहास History of Internet

आज Internet हमारे सामने अपने पूर्ण विकसित रूप में मौजूद है । Internet की 4G तथा 5G सेवाएं उपलब्ध है जिनके माध्यम से हम बहुत ही High Speed Internet का आनंद उठा रहे हैं ।

लेकिन क्या आपने सोचा है की जब Internet की शुरुआत हुई थी उस समय Internet कैसे काम करता था तथा उसकी speed कैसे थी । तो आइए जानते हैं Internet की शुरुआत कैसे हुई तथा उस समय Internet कैसे काम करता था ।

Internet की खोज कब और किसने की तथा क्यों की Invention of Internet

दोस्तों यह बात आप जानते ही होंगे कि जब किसी चीज की जरूरत पड़ती है तो उस चीज की खोज मनुष्य के द्वारा अपने आप ही कर ली जाती हैं । समय-समय पर भिन्न-भिन्न खोजें विज्ञानियों के द्वारा की गई है । बिल्कुल ऐसे ही Internet की खोज के बारे में भी कुछ रोचक बातें है ।

सन 1960 में अमेरिका में शीत युद्ध चल रहा था उस समय अमेरिकी रक्षा विभाग को messageओं को बड़ी जल्दी और सुरक्षित रूप से आदान प्रदान करने की आवश्यकता पड़ी ।

अमेरिकी सरकार ने अमेरिका के महान वैज्ञानिक लियोनार्ड क्लेरॉक (Leonard Kleinrock) को अमेरिकी सुरक्षा विभाग को तेजी और सुरक्षा के साथ messages का आदान प्रदान करने के लिए कहा । लियोनार्ड क्लेरॉक (Leonard Kleinrock) ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया ।

लियोनार्ड क्लेरॉक (Leonard Kleinrock) ने एक ऐसा Computer network बनाने पर काम शुरू कर दिया जिसमें messages को एक Computer से दूसरे Computer तक आसानी से भेजा जा सके ।

वे इस योजना पर काम कर ही रहे थे कि उनका साथ देने के लिए एम.आई.टी. के वैज्ञानिक J.C.R. Licklider और रोबर्ट टेलर (Robert Taylor) ने उनका साथ देने के लिए आगे कदम बढ़ाया ।

इन वैज्ञानिकों ने सन 1962 में Computer का “Galactic Network” बनाने का प्रस्ताव रक्षा विभाग के सामने रखा जिसे स्वीकार कर लिया । इसके बाद Galactic Network पर लगातार काम होता रहा ।

ARPANET सन 1965 की शुरुआत

सन 1965 में एम.आई.टी. के वैज्ञानिकों ने messages को एक Computer से दूसरे Computer में भेजने के लिए एक तकनीकी का विकास किया । इस तकनीकी को शुरुआत में पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) कहां गया क्योंकि इस तकनीकी में डाटा को छोटे छोटे पैकेट या ब्लॉक में तोड़कर एक Computer से दूसरे Computer में ट्रांसफर किया जाता था ।

इस तकनीकी की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग की Advance Research Projects Agency (ARPA) के द्वारा की गई थी और इसी कारण बाद में इस तकनीकी का नाम बदलकर ARPANET कर दिया गया ।

ARPANET तकनीकी में डाटा को एक Computer से दूसरे Computer में भेजने के लिए Network Control Protocol (NCP) का प्रयोग किया जाता था ।

पहला Computer संदेश First Computer Message

29 अक्टूबर सन 1969 को ARPANET Computer के माध्यम से जो पहला संदेश एक Computer से दूसरे Computer में भेजा गया था वह संदेश था LOGIN । लेकिन यह संदेश पूर्ण रूप से ट्रांसफर नहीं हो पाया था, केवल इस संदेश के शुरू के दो अक्षर LO ही transfer हो पाए थे ।

Computer network का विकास Development of Computer Network

शुरुआत में ARPANET से केवल 4 Computer ही जुड़े हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे ARPANET से जुड़ने वाले Computer की संख्या बढ़ती चली गई ।

सन 1970 और 71 के दौरान ARPANET में बहुत से Computer network और जोड़ दिए गए । सबसे पहले ARPANET में University of Hawaii के ALOHAnet को जोड़ा गया और इसके 2 साल बाद लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज और नॉर्वे के रॉयल रडार प्रतिष्ठान के network को भी जोड़ दिया गया । धीरे-धीरे करके ARPANET बड़ा होता चला गया तथा इसने एक विकसित रूप धारण कर लिया ।

पहला ईमेल संदेश First Email Message

जैसे-जैसे Computer network का विकास होता चला गया वैसे वैसे दूसरे Computer वैज्ञानिकों के मन में Computer संदेशों को भेजने के तरीकों के बारे में नए नए विचार आना शुरू हो गए । सन 1971 में Ray Tomlinson नामक वैज्ञानिक ने सबसे पहला ईमेल संदेश भेजा था, जिसे बाद में और विकसित किया गया तथा ज्यादा प्रभावी बनाया गया ।

Internet का जनक किसे कहा जाता है Who is the Father of Internet

ARPANET Computer network के बहुत विशाल रूप में विकसित होने के बाद Computer को आपस में messages का आदान प्रदान करने के लिए जोड़ने की आवश्यकता हुई, जिसमें कोई भी Computer किसी भी Computer से messages का आदान प्रदान बड़ी आसानी से कर सकें ।

Image Source: https://www.newworldai.com/artificial-intelligence-and-the-internet-vint-cerf-father-of-the-internet/

इसके लिए उस समय के महान Computer वैज्ञानिक विंट सर्फ (Vint Cerf) ने सभी Computer network को आपस में एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करने के लिए एक protocol का आविष्कार किया जिसे Transmission Control Protocol या TCP कहा गया था ।

यह एक ऐसा Protocol था जो seven layers में काम करता था तथा एक Computer को दूसरे Computer के साथ जोड़ देता था । बाद में विंट सर्फ (Vint Cerf) ने एक और प्रोटोकॉल का आविष्कार किया जिसे Internet Protocol (IP) कहा गया । इसको भी Transmission Control Protocol (TCP) के साथ जोड़ दिया गया ।

यह एक ऐसा प्रोटोकॉल था जो Internet की दुनिया में रीड की हड्डी साबित हुआ । क्योंकि आज के समय में भी Internet का इस्तेमाल करने के लिए TCP/IP Control Protocol का ही इस्तेमाल किया जा सकता है ।

बिना TCP/IP Protocol के Internet को चलाना नामुमकिन है । यही कारण है विंट सर्फ (Vint Cerf) को Internet का जनक यानी Father of Internet कहा जाता है ।

भारत में Internet की शुरुआत कब और कैसे हुई

वैसे तो भारत में Internet की शुरुआत 14 अगस्त सन 1995 को ही हो गई थी, लेकिन सार्वजनिक रूप से भारत में Internet की शुरुआत 15 अगस्त सन 1995 को मानी जाती है ।

भारत में विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) ने 20 से 30 Computer को Internet के माध्यम से जोड़कर Internet की शुरुआत की थी । बाद में धीरे धीरे इन Computer network में दूसरे Computer network को जोड़ा गया तथा धीरे-धीरे इस Network को बढ़ाया गया ।

शुरुआत में सरकार ने Internet को केवल अपने निजी प्रयोग के लिए ही शुरू किया था, लेकिन बाद में सन 1998 में Internet को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को Internet सेवा क्षेत्र मैं आने की अनुमति दे दी गई, जिस कारण विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों ने Internet Service Provider के रूप में काम करना शुरू कर दिया ।

इनमें उस समय भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) का नाम सबसे आगे था । शुरुआत में BSNL के द्वारा Internet की सुविधा प्रदान की गई थी तथा इसकी स्पीड मात्र 8 से 10 Kbps की जोकि आज के समय के हिसाब से बहुत ही कम है ।

उस समय Internet Data भी बहुत महंगा हुआ करता था । 1GB डाटा की monthly cost ₹500 से लेकर ₹800 के बीच हुआ करती थी तथा उस समय Internet की स्पीड भी 9 Kbps से 15 Kbps के बीच ही रहा करती थी ।

भारत में Internet सेवा के सार्वजनिक होने के साथ ही बहुत सी Websites ने भी जन्म ले लिया । सन 1998 के समय में naukri.com rediffmail.com webdunia.com जैसी वेबसाइट Internet पर मौजूद थी जिनके माध्यम से लोग विभिन्न सूचनाओं को देखा करते थे । इसके बाद वेबसाइट की दुनिया में एक क्रांति आ गई तथा रोज नई नई वेबसाइट आने लगी जो सिलसिला आज भी जारी है ।

Internet पर पहली वेबसाइट कौन सी थी? First Website over Internet

Internet पर सबसे पहला वेबसाइट केवल एक पेज के रूप में थी जिसमें www यानी वर्ल्ड वाइड वेब की विस्तृत जानकारी दी गई थी । इस पेज का URL एड्रेस यह था: http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html

इस web page को टिम बर्नर्स-ली (Berners-Lee) ने विकसित किया था । यह पेज वास्तव में website बनाने की दिशा में एक टेस्टिंग थी और यह टेस्टिंग सफल भी रही । आज की वेबसाइट इस वेब पेज का ही एक विकसित रूप कहीं जा सकती हैं ।

Image Source: https://qz.com/1568970/tim-berners-lee-on-founding-the-world-wide-web-30-years-ago/

इस वेबसाइट का वेब पेज देखने में कुछ इस प्रकार था ।

Image Source: https://money.cnn.com/gallery/technology/innovation/2014/03/09/website-pioneers/index.html

यह पेज आज भी लाइव है । आप ऊपर दी गई यूआरएल पर जाकर इस वेब पेज को देख सकते हैं । इसके बाद धीरे धीरे वेबसाइट विकसित होने लगी और वेबसाइट की दुनिया में एक क्रांति आई ।

Internet कैसे काम करता है How Internet Works in Hindi

यह बहुत ही रोचक प्रश्न है तथा बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न आता है कि Internet कैसे चलता है । Internet को कौन चलाता है, हम जो वेबसाइट खोलते हैं वह कहां से खुलती है ।

आज के समय में 90% Internet सेवा केबल के माध्यम से तथा बाकी 10% Internet सेवा सेटेलाइट के माध्यम से चलती है । सेटेलाइट के माध्यम से ज्यादातर डिफेंस सिस्टम में Internet का प्रयोग किया जाता है ।

Internet कैसे काम करता है, इसके लिए हमें Internet Service Provider के model को समझना जरूरी है । आज के समय में तीन तरह के Internet Service Provider मौजूद हैं जिन्हें Tier-I, Tier-II एवं Tier-III Companies कहा जाता है ।

Tier-I Internet Service Provider Companies

यह कंपनी Internet को एक देश से दूसरे देश के बीच जोड़ने का काम करती हैं । इन कंपनियों ने समुंदर के अंदर Fiber Optical Cables का network बिछा रखा है । इन केबल के माध्यम से विभिन्न देशों के Computer network को आपस में जोड़ा जाता है ।

Source: https://www.quora.com/What-is-the-main-source-of-internet-on-this-planet-Who-owns-that-How-telecom-or-broadband-operators-acquire-that-and-from-which-sources

हर देश में Internet landing stations होते हैं जहां इन Fiber Optical Cables को connect किया जाता है । इसके बाद इन landing station से पूरे देश में Internet की सप्लाई की जाती है । Tier-I कंपनियों में विभिन्न टेलीकॉम कंपनी जैसे AT & T , Tata telecommunications etc.  जैसी कंपनी शामिल है ।

Tier-II Internet Service Provider Companies

Tier-II कंपनियों में वे कंपनी आती हैं जो Internet कनेक्शन को देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने का काम करती हैं । इसके लिए यह कंपनियां पूरे देश में Fiber Optical Cables या Network Tower का एक जाल बिछा कर रखती हैं ।

इन केबल या network tower की मदद से एक राज्य से दूसरे राज्य में Internet connectivity हो पाती है । TIER-2 कंपनियों में भी जिओ, एयरटेल, वोडाफोन जैसी कंपनियां शामिल हैं ।

Tier-III Internet Service Provider Companies

Tier-3 कंपनियों में छोटी छोटी कंपनियां शामिल होती हैं जो एक राज्य में प्रत्येक जिले तथा गांव-गांव तक Internet सेवा को पहुंचाने का काम करती हैं । Trikona, TP-Link etc कुछ Tier-III companies हैं, जो India में अपनी service provide कर रही है ।

Internet के प्रकार Types of Internet

Internet तीन प्रकार का होता है, जो कि इस प्रकार है ।

  1. Internet
  2. Intranet
  3. Extranet

Internet

  • जैसा कि हमने आपको इस article की शुरुआत में ही बताया था कि Internet एक प्रकार का Interconnected network होता है जिसमें पूरी दुनिया के Computer network TCP/IP Protocol के माध्यम से आपस में एक दूसरे से जुड़े होते हैं तथा messages का आदान प्रदान कर सकते हैं ।
  • Internet सर्वजनिक होता है तथा Internet को कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर बैठकर चला सकता है ।
  • Internet चलाने के लिए आप अपने Computer, mobile या Laptop का प्रयोग कर सकते हैं ।
  • Internet चलाने के लिए किसी प्रकार के username password की जरूरत नहीं होती है ।
  • Internet security आपके Computer, Laptop या mobile पर निर्भर करती हैं ।
  • इसके लिए आप अपने mobile में firewall या antivirus का प्रयोग कर सकते हैं ।

Intranet

  • Intranet एक प्राइवेट network होता है तथा इस network को सरकारी या गैर सरकारी कंपनियों के द्वारा अपनी संस्था का कार्य करने के लिए प्रयोग किया जाता है । उदाहरण के तौर पर रेलवे के सभी Computer आपस में जिस network से जुड़े हुए हैं उसे Intranet कहते हैं, इसी प्रकार बैंकिंग क्षेत्र में बैंकों के Computer तथा पोस्ट ऑफिस के Computer आपस में जिस network से जुड़े होते हैं वह भी Intranet का ही उदाहरण है ।
  • Intranet में Computer चलाने के लिए username और password की आवश्यकता होती है । बिना username और password के आप Interanet के Computer को access नहीं कर सकते हैं ।
  • Internet को केवल संस्थान की अनुमति से ही चलाया जा सकता है । आम लोगों के लिए यह Computer network प्रतिबंधित होता है ।
  • इसमें केवल एक संस्थान के Computers का ही network होता है, जैसे रेलवे के Computers का network या बैंक के Computer का network । रेलवे के Computer तथा बैंकों के Computer आपस में जुड़े नहीं होते हैं क्योंकि यह दोनों अलग-अलग Intranet network है ।
  • Intranet की security firewall पर निर्भर करती है ।

Extranet

  • यह भी एक प्रकार का private network ही होता है ।
  • Extranet के माध्यम से 2 Intranet को आपस में कनेक्ट किया जाता है । उदाहरण के तौर पर एक बैंक की बहुत सारी शाखाएं हो सकती हैं । प्रत्येक शाखा में Computer का जो network है उसे Intranet कहा जाता है तथा सभी शाखाओं के Computers को आपस में जोड़ने के लिए जिस network का उपयोग किया जाता है उसे Extranet कहा जाता है ।
  • Extranet को चलाने के लिए भी username और password की आवश्यकता होती है ।
  • Extranet का उपयोग एक ही संस्था के दो या दो से अधिक network को आपस में जोड़ने के लिए या दो अलग-अलग संस्थाओं के network को आपस में जोड़ने के लिए किया जा सकता है ।
  • Extranet की security Internet और Intranet के security system पर निर्भर करती है ।

Internet के फायदे और नुकसान

Internet के जहां एक और बहुत सारे फायदे हैं तो वहीं दूसरी ओर इसके कुछ नुकसान भी हैं । आइए अब हम Internet के फायदे और नुकसान के बारे में भी जान लेते हैं ।

Internet के फायदे

Internet के निम्नलिखित फायदे हैं ।

सूचनाओं का आदान प्रदान करने में: Internet का सबसे मुख्य उपयोग सूचनाओं का आदान प्रदान करने में होता है । आप कुछ ही सेकंड में दुनिया के किसी भी व्यक्ति से सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकते हैं ।

Online Bill जमा कराने के लिए: पुराने समय में बिजली का या टेलीफोन का बिल जमा कराने के लिए आपको लंबी लंबी लाइन में लगना पड़ता था । लेकिन आज Internet के माध्यम से आप ऑनलाइन बिल बड़ी आसानी से घर बैठे बैठे ही जमा करा सकते हैं जो कि Internet का बहुत ही अच्छा लाभ है ।

ऑनलाइन काम करने के लिए: Internet के माध्यम से आप अपना सारा काम घर बैठे बैठे कर सकते हैं । इसके लिए आपको केवल एक Computer और Internet कनेक्शन की आवश्यकता है । बहुत सी Marketing Agencies अपना सारा काम Internet से चलाती हैं, इन्हें Online Office कहा जाता है ।

ऑनलाइन शॉपिंग Online Shopping: ऑनलाइन शॉपिंग Internet का एक बहुत बड़ा फायदा है । आप Internet के माध्यम से कुछ भी खरीद सकते हैं । Amazon, Flipkart, Snapdeal कुछ ऐसी वेबसाइट हैं जिनके माध्यम से आप घर बैठे बैठे ही ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं ।

व्यापार को बढ़ावा देने के लिए: Internet की मदद से आप अपने व्यापार को पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चला सकते हैं । इसके लिए आप अपनी एक Business Website बना सकते हैं तथा Google पर उसका एडवर्टाइजमेंट कर सकते हैं । जिससे आपको ऑनलाइन आर्डर जाने भी शुरू हो सकते हैं । इसके लिए आप किसी एडवरटाइजिंग कंपनी की मदद ले सकते हैं ।

नौकरी की जानकारी एवं आवेदन करने के लिए: आज के समय में नौकरियों की जानकारी के लिए notification Internet पर ही आ जाते हैं । विभिन्न सरकारी संस्थाओं जैसे रेलवे, पोस्ट ऑफिस, बैंक आदि ने अपनी अपनी वेबसाइट बना रही हैं जिन पर यह समय-समय पर जॉब्स के नोटिफिकेशन डालते रहते हैं । आप इन सभी वेबसाइट पर समय-समय पर विजिट करते रहें तथा देखते रहे कि कौन सी जॉब कब आ रही है । इस तरह आपको जॉब के लिए ऑनलाइन जानकारी मिलती रहती है ।

Freelancing करने के लिए: जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे बेरोजगारी भी बढ़ती जा रही है । आज Internet के माध्यम से लाखों लोग घर बैठे बैठे ही पैसा कमा रहे हैं । इसके लिए वे freelancing करते हैं तथा लोगों का काम घर बैठे बैठे ही Internet के माध्यम से कर देते हैं ।

शिक्षा के लिए: Internet के माध्यम से बच्चे अपनी पढ़ाई भी कर सकते हैं । बच्चे अपने प्रोजेक्ट या कोर्स से रिलेटेड किसी भी जानकारी के लिए गूगल पर जाकर सर्च कर सकते हैं, जिससे उनको वह जानकारी मिल जाती है । यह Internet का वास्तव में ही बहुत ही अच्छा उपयोग है ।

मनोरंजन के लिए: मनोरंजन करने के लिए आज के समय में Internet से अच्छा कोई दूसरा साधन नहीं हो सकता । यदि आप मनोरंजन करना चाहते हैं तो आप Internet पर कोई मूवी देख सकते हैं, गाना सुन सकते हैं या कोई भी video गेम खेल सकते हैं ।

Internet के नुकसान

जहां Internet के इतने सारे फायदे हैं वही Internet के बहुत से नुकसान भी हैं । आइए जानते हैं नुकसान कौन-कौन से होते हैं ।

चरित्र की हानि: Internet का सबसे पहला नुकसान तो यही है कि आज के समय में हमारे बच्चे और नौजवान पीढ़ीया Internet पर अश्लील और भड़काऊ सामग्री देखकर अपने चरित्र का नाश कर रहे हैं जो कि Internet का सबसे बड़ा नुकसान है ।

समय की बर्बादी: Internet का दूसरा सबसे बड़ा नुकसान समय की बर्बादी करना है क्योंकि लोग बेवजह ही फेसबुक, WhatsApp तथा दूसरे सोशल वेबसाइट पर लगे रहते हैं ।

हैकिंग और धोखाधड़ी: Internet का तीसरा सबसे बड़ा नुकसान है धोखाधड़ी । आज के समय में WhatsApp, Email और mobile SMS के माध्यम से लोग आपके Bank Account को हैक करने की कोशिश करते हैं । बहुत से ऐसे मामले हुए हैं जिनमें लोगों के बैंक अकाउंट से धोखाधड़ी करके पैसे निकाल लिए गए हैं जिससे आपको सावधान रहने की जरूरत है ।

स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक: Internet हमारे स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है, खासकर की यह हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक होता है । Internet का ज्यादा प्रयोग करने से हमारे मस्तिष्क तथा आंखों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है ।

इस सबके अलावा भी Internet के बहुत से नुकसान है, इसलिए Internet पर केवल आवश्यकता के अनुसार ही समय बिताना चाहिए । बेवजह Internet का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और अपने बच्चों को भी Internet से दूर ही रखना चाहिए ।

Internet का उपयोग

आज Internet हमारे समाज की जरूरत बन चुका है । बिना Internet के कोई भी काम करना संभव नहीं है । चाहे रेलवे में रिजर्वेशन कराना हो या एटीएम से जाकर पैसे निकालना हो या पोस्ट ऑफिस में जाकर पार्सल को बुक करना हो ।

इसी प्रकार अन्य विभिन्न क्षेत्रों में Computer का उपयोग किया जाता है । जिस देश में नागरिक Computer के प्रति जागरूक नहीं है आज के समय में वह देश पिछड़ा हुआ देश माना जाता है, क्योंकि आज Computer साक्षर होना समय की जरूरत बन गई है । इसलिए सबको Computer आना चाहिए । Computer का उपयोग निम्न क्षेत्रों में किया जाता है ।

  1. रेलवे में रिजर्वेशन करने के लिए
  2. बैंकिंग क्षेत्र में अकाउंट खुलवाने, पैसा जमा कराने या निकालने के लिए
  3. एटीएम से पैसे निकालने के लिए
  4. ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए
  5. मनोरंजन करने के लिए
  6. किसी भी डॉक्यूमेंट को ईमेल के माध्यम से भेजने के लिए अर्थात सूचनाओं का आदान
  7. प्रदान करने के लिए
  8. ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए
  9. न्यूज़ पढ़ने के लिए
  10. नए नए दोस्त बनाने के लिए
  11. mobile, बिजली, गैस आदि का बिल जमा कराने के लिए
  12. अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए
  13. बच्चों की ऑनलाइन एजुकेशन के लिए
  14. स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के टेस्ट करने के लिए
  15. रक्षा विभाग के द्वारा देश की रक्षा के लिए
  16. इसके अलावा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में

Internet से संबंधित सामान्य प्रश्न उत्तर

Internet क्या है?
Internet आपस में जुड़े Computer का Network है जो TCP/IP Protocol के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं ।

Internet की फुल फॉर्म क्या है?
Internet की फुल फॉर्म Interconnected network या International network होती है ।

Internet को हिंदी में क्या कहते हैं?
Internet को हिंदी में अंतरजाल कहा जाता है ।

Internet का मालिक कौन है?
Internet का मालिक कोई व्यक्ति या संस्था नहीं है । इस पर सबका बराबर अधिकार है ।

भारत में Internet की शुरुआत कब हुई?
भारत में Internet की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई ।

Internet पर प्रकाशित होने वाली पहली वेबसाइट कौन सी थी?
इन्टरनेट पर पहला वेब पेज 6 अगस्त 1991 को प्रकाशित हुआ था जिसका लिंक http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html है।

भारत में Internet सार्वजनिक रूप से कब शुरू हुआ?
भारत में Internet सार्वजनिक रूप से 1998 में शुरू हुआ ।

भारत में शुरू शुरू में कौन कौन सी वेबसाइट आई?
भारत में शुरू शुरू में naukri.com rediff.com तथा webdunia.com जैसी वेबसाइट लांच हुई ।

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