सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 क्या है? What is RTI (Right to Information) Act 2005 in Hindi

By | March 13, 2021
what is rti act in hindi
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सूचना का अधिकार अधिनियम क्या है तथा इससे संबंधित सभी जानकारियां What is RTI Act 2005 in Hindi

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 एक कानून है जिसे सन 2005 में मान्यता प्राप्त हुई थी । अर्थात सन 2005 में इसे राज्यसभा एवं लोकसभा में विधि अनुसार पारित किया गया । भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम लाने का श्रेय अन्ना हजारे को जाता है । अन्ना हजारे एक समाज सेवक हैं जो समाज सुधार एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ विभिन्न आंदोलनों के लिए जाने जाते हैं ।

सूचना का अधिकार अधिनियम एक ऐसा कानून है जो भारत के प्रत्येक नागरिक को किसी भी सरकारी, अर्ध सरकारी या गैर सरकारी तंत्र से किसी भी सूचना को प्राप्त करने का अधिकार देता है । इस अधिनियम के तहत यदि आपको किसी विभाग से कोई जानकारी चाहिए तो आप दिए गए नियमों और शर्तों के अनुसार लिखित में उस जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं ।

उस विभाग को 30 दिनों के अंदर अंदर बिल्कुल सही जानकारी देनी होती है । यदि इस 30 दिनों में कोई संस्थान जानकारी प्राप्त प्रदान नहीं करता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है ।

सूचना का अधिकार अधिनियम लाने का मूल उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना था । आप जानते ही हैं भारत में भ्रष्टाचार किस सीमा तक फैला हुआ है । प्रत्येक विभाग तथा प्रत्येक तंत्र में भ्रष्टाचार की बदबू आती है । आपको कोई भी काम करवाना हो, अधिकारी से लेकर बाबू तक तथा बाबू से लेकर चपरासी तक आप से रिश्वत की मांग करते हैं तथा आपको बार बार चक्कर कटवाते हैं ।

सूचना का अधिकार अधिनियम आने के बाद आप लिखित में उस विभाग के अधिकारी या कर्मचारी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि आपका कार्य कितना पूरा हुआ है तथा कब तक पूरा होगा । वह आपको लिखित में सूचना देने के लिए बाध्य हो जाएंगे । यही कारण है कि इस कानून के आने के बाद भ्रष्टाचार में काफी हद तक लगाम लगा है ।

लेकिन दुख की बात यह है कि बहुत से लोगों को अब भी इस कानून की जानकारी नहीं है जो कि गलत है । इस आर्टिकल में हमने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के बारे में संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है । तो आइए सूचना का अधिकार क्या है इसके बारे में जानते हैं ।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 क्या है? What is RTI Act 2005 in Hindi

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 एक विशेष प्रकार का कानून है जो राज्यसभा तथा लोकसभा में सन 2005 में पारित हुआ था । इस कानून के बनने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग के सरकारी अधिकारी या कर्मचारी से किसी भी प्रकार की सूचना को प्राप्त कर सकता है ।

यह सूचना विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को 30 कार्य दिवसों में लिखित में देनी होती है तथा यह सूचना बिल्कुल सही होनी चाहिए । यदि सूचना में कोई गलती पाई जाए अथवा कूट रचित हो तो विभाग के संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है तथा उसे कानून के अनुसार जेल भी जाना पड़ सकता है ।

यदि मांगी गई जानकारी अत्यंत आवश्यक हो उस तीस कार्य दिवसों के बजाय 48 घंटों में अर्थात दो कार्य दिवसों के भीतर ही जानकारी देनी होती हैं ।

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का महत्व Importance of RTI Act in Hindi

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनता उपयोगी कानून है । यह एक ऐसा कानून है जो आम जनता के सीधे फायदे का है । क्योंकि ज्यादातर कानून ऐसे हैं जो आम जनता की सीधी पहुंच में नहीं होते हैं तथा उनके लिए आपको किसी वकील की आवश्यकता होती हैं ।

जबकि यह एक ऐसा कानून है जिसे आप ₹10 के स्टांप पेपर का प्रयोग करके ही प्रयोग कर सकते हैं । आपको जो भी जानकारी चाहिए उसे आप ₹10 के स्टांप पेपर पर दर्ज करके संबंधित विभाग को देकर अपनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

यह कानून भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । उदाहरण के तौर पर आप अपना राशन कार्ड बनवाने जिला खाद्य निरीक्षक विभाग के पास जाते हैं ।

वहां पर आपको विभिन्न प्रकार के डाक्यूमेंट्स लाने के लिए कहा जाएगा । जब आप यह काम पूरा कर देंगे तो आपको आवेदन लेकर कुछ दिनों बाद आने के लिए कहा जाएगा । जब आप दोबार जाएंगे तो दोबारा आपको कुछ ना कुछ कहकर चक्कर कटवाए जाएंगे ।

इस स्थिति में आपको क्या करना चाहिए? इस स्थिति में आपको एक आरटीआई डालनी चाहिए जो उस संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष के नाम होनी चाहिए । उसमें आप लिखेंगे कि आपने राशन कार्ड बनवाने के लिए जो एप्लीकेशन अपने कार्यालय में दी है उसकी स्थिति क्या है तथा आपका कार्य कितने समय में पूरा हो जाएगा?

विभाग का अध्यक्ष आपको सही जानकारी प्रदान करेगा तथा एक बार आपको सही जानकारी मिल गई तो यदि उस समय सीमा के बाद भी आप पर कार्य नहीं पूरा होता है तो आप उसके खिलाफ अगली कार्रवाई कर सकते हैं ।

पर इस प्रकार यह कानून भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के फायदे Benefits of RTI Act 2005 in Hindi

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आम नागरिकों को कई फायदा पहुंचाता है जैसे कि –

  • इस कानून का प्रयोग करके कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी संस्थान से वंचित सूचना को लिखित में प्राप्त कर सकता है वह भी अधिकतम 30 दिनों के भीतर ।
  • इस कानून के द्वारा भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी पर लगाम लगती है । आपके कार्य सही समय पर पूरे होते हैं तथा आपको ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ता है ।
  • यदि आपको लगता है कि कोई अधिकारी बहुत अधिक रिश्वत लेता है तथा काफी लंबे समय से भ्रष्टाचार फैला रहा है तो आप आरटीआई का प्रयोग करके उस अधिकारी की व्यक्तिगत संपत्ति, बैंक बैलेंस, प्रोविडेंट फंड, टैक्स रिफंड आदि से संबंधित समस्त जानकारी ले सकते हैं तथा उसे मुसीबत में डाल सकते हैं ।
  • इसके अलावा इस कानून का उपयोग सही सूझ बूझ के साथ करने पर आप अपने जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर कर सकते हैं तथा औरों को भी फायदा पहुंचा सकते हैं ।

सूचना के अधिकार अधिनियम का प्रयोग कब करना चाहिए When you Should use RTI Act in Hindi

यह प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आपको सूचना के अधिकार अधिनियम का प्रयोग कब करना चाहिए । हम आपको सलाह देंगे कि आप निम्न परिस्थितियों में इस कानून का प्रयोग करें ।

इस कानून का प्रयोग आपको तब करना चाहिए जब आप किसी विभाग में किसी कार्य के लिए गए तथा आपको वह कार्य पूरा ना हो रहा हो अर्थात सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी अपनी सेवा को सही प्रकार से नहीं प्रदान कर रहे हैं तथा आपसे रिश्वत इत्यादि की मांग कर रहे हैं ।

दूसरा इस कानून का प्रयोग आपको तब करना चाहिए जब कोई संस्थान अत्यधिक निष्क्रिय हो गया हो तथा उनके द्वारा अपने दायित्वों का निर्माण निर्वहन सही प्रकार से ना किया जा रहा हो ।

इसके अलावा इस कानून का प्रयोग आप उस स्थिति में कर सकते हैं जब आपको किसी सूचना की बहुत अधिक आवश्यकता हो । उदाहरण के तौर पर आप किसी मुकदमे में फंस गए हो तथा आपको सबूत के तौर पर कोई सूचना चाहिए हो । ऐसी स्थिति में आप आरटीआई का प्रयोग करके उस सूचना को प्राप्त कर सकते हैं तथा कोर्ट में सबूत के रूप में उसका प्रयोग कर सकते हैं ।


सूचना का अधिकार अधिनियम से जुड़े हुए आवश्यक नियम Rules regarding RTI Act in Hindi

  • इस सूचना को प्राप्त करने के लिए आपको भारत का नागरिक होना आवश्यक है ।
  • आरटीआई के तहत आप किसी भी पब्लिक अथॉरिटी से सूचना प्राप्त कर सकते हैं । पब्लिक अथॉरिटी के अंतर्गत केंद्रीय, राज्य तथा सभी स्थानीय संस्थान आते हैं । इन सभी संस्थान की स्थापना भारतीय संविधान के अनुसार होनी चाहिए ।
  • आरटीआई अधिनियम के सेक्शन 24(1) के तहत सिक्योरिटी एवं इंटेलिजेंस एजेंसी को इससे बाहर रखा गया है । इसका मुख्य कारण भारतीय सुरक्षा से संबंधित जानकारी को सुरक्षित रखना है ।
  • आरटीआई डालने के लिए आपको स्टैंप पेपर पर दिए गए फॉर्मेट के अनुसार अपने प्रश्नों को लिख कर देना होता है । आरटीआई किस अधिकारी को देनी है यह भी आपको पता होना चाहिए । ज्यादातर परिस्थितियों में आरटीआई संबंधित विभाग के अध्यक्ष के नाम डाली जाती है ।

अपने आवेदन के साथ आपको ₹10 का आवेदन शुल्क साथ में भेजना होता है । लेकिन यदि आप गरीबी रेखा से नीचे के हैं तो आपका यह शुल्क माफ होता है, उसके लिए अन्य शर्तें पूरी करनी आवश्यक हैं ।

सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवेदन कैसे करें How to Apply for RTI in Hindi

यदि आप किसी संस्थान कोे आरटीआईभेजना चाहते हैं तो उसके लिए यह तरीका है ।

  • सबसे पहले आप वेबसाइट https://rtionline.gov.in पर जाएं तथा इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें कि आवेदन कैसे करना है तथा कैसे लिखना है । फिर भी हम आपको बता रहे हैं कि आप आवेदन कैसे करें ।
  • आप एक साधारण पेपर पर हाथ से आरटीआई लिखें जिसमें अपने सभी प्रश्नों को क्रमानुसार लिखें । साथ में ₹10 का स्टांप पेपर लगाएं तथा रजिस्टर डाक के द्वारा संबंधित विभाग अध्यक्ष को भेज दें ।
  • इस प्रकार आपकी आरटीआई संबंधित विभाग को चली जाती है।। जिसका उत्तर 30 दिनों के भीतर आपको डाक के द्वारा ही मिल जाता है ।

सूचना का अधिकार आवेदन फार्म

यदि आपको आईटीआई से संबंधित कोई अन्य जानकारी की आवश्यकता हो तो वेबसाइट https://rtionline.gov.in पर जाकर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

यह लेख आपको कैसा लगा कमेंट के माध्यम से में जरूर बताएं । आरटीआई से संबंधित आपको कोई भी सवाल हो वह भी आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं धन्यवाद ।


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