महात्मा गांधी का जीवन परिचय, मृत्यु, जाति, पत्नी, बच्चे, परिवार, जीवनी, निबंध और अधिक Mahatma Gandhi Biography in Hindi

By | March 21, 2021
mahatma gandhi biography in hindi
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महात्मा गांधी का जीवन परिचय, मृत्यु, जाति, पत्नी, बच्चे, परिवार, जीवनी और अधिक Mahatma Gandhi Biography in Hindi – भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने महात्मा गांधी का नाम ना सुना हो ।

महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि मिली हुई है क्योंकि महात्मा गांधी ने भारत की आजादी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी । महात्मा गांधी का वास्तविक नाम मोहनदास करमचंद गांधी था तथा लोग इन्हें प्यार से महात्मा, बापू तथा राष्ट्रपिता कह कर पुकारते थे ।

महात्मा गांधी एक क्रांतिकारी नेता थे जो नरम दल से जुड़े हुए थे । महात्मा गांधी का विश्वास था कि सत्य तथा अहिंसा का मार्ग अपनाकर देश को आजादी दिलाई जा सकती है । आपने अपने जीवन में बहुत से सत्याग्रह तथा बहुत से आंदोलन किए, जिनके परिणाम स्वरूप 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली ।

आज इस लेख में हम महात्मा गांधी की जीवनी के बारे में बात करेंगे तथा आपको महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं से अवगत कराएंगे । तो आइए जानते हैं महात्मा गांधी का जीवन परिचय

व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 2 अक्टूबर 1869
आयु (30 जनवरी 1948 के अनुसार) 78 वर्ष
जन्मस्थान पोरबंदर राज्य, काठियावार एजेंसी, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत
मृत्यु तिथि 30 जनवरी 1948
मृत्यु स्थल नई दिल्ली, भारत
मृत्यु का कारण गोली लगने से हत्या
समाधि स्थल राज घाट, दिल्ली (लेकिन उनकी राख विभिन्न भारतीय नदियों में प्रवाहित है)
राशि तुला
हस्ताक्षर
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर पोरबंदर, गुजरात, भारत
स्कूल/विद्यालय राजकोट में एक स्थानीय स्कूल
अल्फ्रेड हाई स्कूल, राजकोट
अहमदाबाद में एक हाई स्कूल
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय सामलदास कॉलेज, भावनगर राज्य (अब, जिला भावनगर, गुजरात), भारत
इनर टेम्पल, लंदन
यूसीएल (UCL) फैकल्टी ऑफ लॉ, यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन से
शैक्षिक योग्यता बैरिस्टर (Barrister-at-law)
परिवार पिता – करमचंद गांधी, दीवान (मुख्यमंत्री) पोरबंदर राज्य के

माता– पुतलीबाई गांधी (गृहणी)

भाई– लक्ष्मीदास करमचंद गांधी

करसनदास गांधी
बहन– रलियताबेन गांधी

धर्म हिन्दू
जाति मोध बनिया
शौक/अभिरुचि पुस्तकें पढ़ना, संगीत सुनना और यात्रा करना

महात्मा गांधी की शारीरिक संरचना Mahatma Gandhi Physique in Hindi

महात्मा गांधी एक सामान्य कद काठी के व्यक्ति थे तथा उनकी लंबाई मात्र 5 फुट 6 इंच थी, जोकि एक सामान्य व्यक्ति की होती है । वह पतले दुबले थे तथा केवल शरीर के निचले हिस्से को ढकने के लिए धोती पहना करते थे । उनकी आंखों का रंग काला तथा बालों का रंग सफेद था ।

शारीरिक संरचना
लम्बाई से० मी०- 168
मी०- 1.68
फीट इन्च- 5’ 6”
आँखों का रंग काला
बालों का रंग सफ़ेद

महात्मा गांधी का प्रारंभिक जीवन तथा पढ़ाई-लिखाई Mahatma Gandhi Early Life and Educational Qualification in Hindi

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था । महात्मा गांधी के पिता का नाम श्री करमचंद गांधी था जो पोरबंदर में दीवान के पद पर कार्यरत थे, उनकी माता का नाम पुतलीबाई था जोकि बहुत ही धार्मिक स्वभाव की महिला थी । महात्मा गांधी का विवाह 13 वर्ष की उम्र में कस्तूरबा से हुआ था जिनकी उस समय उम्र 14 वर्ष थी ।

महात्मा गांधी ने सन 1887 में दसवीं कक्षा पास कर ली थी तथा इसके पश्चात सन 1888 में उन्होंने भावनगर के समलदास कॉलेज में प्रवेश ले लिया तथा वहां से स्नातक की डिग्री प्राप्त की ।

महात्मा गांधी के घर की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक थी जिस कारण उनके पिता ने उन्हें बैरिस्टर बनाने के लिए लंदन भेजा । महात्मा गांधी लंदन से वकालत की पढ़ाई करके और वापस लौटे तथा उसके बाद उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया ।

महात्मा गांधी का राजनीतिक जीवन एवं आन्दोलन Mahatma Gandhi Political Life & Movements in Hindi

महात्मा गांधी बहुत ही स्वतंत्र विचारों के व्यक्ति थे । यही कारण था कि वह समाज में आई बुराइयों को बहुत ही गहराई से देखते थे । उन्हें जहा भी कोई कमी नजर आती थी या उन्हें लगता था कि किसी के साथ अत्याचार हो रहा है तो वह वह अपनी आवाज जरूर उठाते थे ।

यही कारण था 1894 में महात्मा गांधी को दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा । दक्षिण अफ्रीका में उस समय नस्लभेद का विवाद चल रहा था, जिसके कारण महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका गए । वहां उन्होंने अवज्ञा आंदोलन चलाया ।

दक्षिण अफ्रीका में गांधी जी लगभग 20 वर्ष रहे । इन 20 वर्षों में महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के लोगों के लिए अनेकों कार्य किए जिस कारण दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी को आज भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है ।

दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी सन 1916 में लौट कर आए । जिस समय महात्मा गांधी भारत लौट कर आए उस समय भारत में ब्रिटिश सरकार के द्वारा अत्याचार चरम सीमा पर था । भारतीयों को बहुत ही हीन दृष्टि से देखा जाता था तथा उन्हें तुच्छ समझा जाता था । उनके साथ जानवरों के साथ की तरह सुलूक किया जाता था । महात्मा गांधी को यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ इसलिए उन्होंने ठान लिया कि अंग्रेजों को भारत से भगा कर ही छोड़ेंगे ।

भारत को एक राजनीतिक नेतृत्व देने के लिए महात्मा गांधी ने कांग्रेस पार्टी की स्थापना की तथा बाल गंगाधर तिलक को कांग्रेस में महत्वपूर्ण स्थान दिया लेकिन सन 1920 में बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु के बाद कॉन्ग्रेस का नेतृत्व महात्मा गांधी नहीं किया उनके नेतृत्व में कांग्रेसी एक मजबूत राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी थी

महात्मा गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत को खत्म करने के लिए बहुत से आंदोलन किए । जिनमें चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह सन 1918, खिलाफत आंदोलन सन 1919, असहयोग आंदोलन सन 1920, अवज्ञा आंदोलन सन 1930 तथा भारत छोड़ो आंदोलन सन 1942 सबसे प्रमुख है ।

महात्मा गांधी के आंदोलनों की विशेषताएं

महात्मा गांधी ने अपने जीवन में जितने भी आंदोलन तथा सत्याग्रह किय उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने कभी भी हिंसा का प्रयोग नहीं किया । उनके द्वारा सभी आंदोलन तथा सत्याग्रह शांतिपूर्ण तरीके से किए जाते थे ।

सरकारी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता था, भीड़ के द्वारा किसी भी प्रकार का उपद्रव नहीं किया जाता था । यदि किसी भी कारण से आंदोलन हिंसात्मक रूप धारण कर लेता था या आंदोलन में कुछ ऐसी गतिविधियां होती थी जो गैरकानूनी होती थी तो महात्मा गांधी आंदोलन को तुरंत ही समाप्त कर दिया करते थे ।

यही कारण था कि महात्मा गांधी को अंग्रेजो के द्वारा बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति माना जाता था ।

महात्मा गांधी की विचारधारा Mahatama Gandhi Philosophy in hindi

महात्मा गांधी की विचारधारा सत्य तथा हिंसा पर टिकी हुई थी ।महात्मा गांधी अपने जीवन में सत्य और अहिंसा को विशेष महत्व दिया करते थे । उनका मानना था कि सत्य तथा अहिंसा के मार्ग पर चलकर दुनिया की बड़ी से बड़ी लड़ाई को भी जीता जा सकता है ।

महात्मा गांधी का व्यक्तित्व साधारण होते हुए भी असाधारण था । वे अपने शरीर के केवल नीचे को ढकने के लिए ही धोती पहना करते थे । ऊपर के हिस्से में वह कुछ भी नहीं पहनते थे । इसका कारण था उस समय भारत में गरीबी का होना ।

जब उन्होंने देखा कि भारत के लोग इतने गरीब हैं कि उनके पास पहनने के लिए कपड़े भी नहीं हैं तो उन्होंने भी केवल शरीर के निचले हिस्से को ढकने के लिए कपड़े पहने और यही कारण था कि लोग उन्हें महात्मा कहा करते थे ।

महात्मा गांधी का मानना था कि सभी धर्म और जाति परमात्मा की बनाई हुई हैं ना कोई छोटा है ना कोई बड़ा । यही कारण था कि उन्होंने उस समय दलितों को हरिजन का नाम दिया था ।

पसंदीदा चीजें
पसंदीदा व्यक्ति गौतम बुद्ध, हरिश्चंद्र और उनकी मां पुतलीबाई
पसंदीदा लेखक लियो टॉल्स्टॉय
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी कस्तूरबा गांधी
बच्चे बेटे : हरिलाल
मणिलाल
रामदास
देवदास

बेटी : लागू नहीं

महात्मा गांधी की मृत्यु Mahatma Gandhi Death in Hindi

महात्मा गांधी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे के द्वारा गोली मारकर हत्या करने के कारण हुई थी । नाथूराम गोडसे ने उन्हें तीन गोलियां मारी थी तथा उनके मुंह से अंतिम शब्द निकले थे हे राम । दिल्ली में राजघाट में उनका समाधि स्थल बनाया गया है जहां प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को उनकी समाधि पर पुष्प चढ़ाए जाते हैं ।


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